परिचय : अटल पेंशन योजना (एपीवाई) भारत में सरकार समर्थित पेंशन योजना है। इसे भारत सरकार द्वारा 2015 में लॉन्च किया गया था।
उद्देश्य : Apy का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के उन श्रमिकों को पेंशन प्रदान करना है जिनकी औपचारिक पेंशन योजनाओं तक पहुंच नहीं है।
पात्रता : इस योजना में 18 से 40 वर्ष की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक शामिल हो सकता है।
योगदान : सब्सक्राइबर्स को योजना के लिए नियमित योगदान करना होगा। योगदान मासिक/तिमाही/छमाही अंतराल पर बचत बैंक खाता/ग्राहक के डाकघर बचत बैंक खाते से ऑटो डेबिट सुविधा के माध्यम से किया जा सकता है। योगदान राशि प्रवेश की आयु और चुनी गई पेंशन राशि पर निर्भर करती है।
पेंशन राशियाँ : Apy के तहत मामला निश्चित मासिक पेंशन राशि प्रदान करता है। 1,000 से रु. 5,000, किए गए योगदान पर निर्भर करता है।
प्रवेश आयु और योगदान : कोई व्यक्ति जितनी जल्दी शामिल होगा, मासिक योगदान उतना ही कम होगा। योगदान 60 वर्ष की आयु तक किया जाना है।
नामांकित व्यक्ति/पति/पत्नी के लिए गारंटीशुदा पेंशन : ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में, पति/पत्नी को समान पेंशन राशि प्राप्त होगी। यदि ग्राहक और पति/पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो धनराशि नामांकित (Nominee) सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति को दे दी जाएगी।
डिफ़ॉल्ट और जुर्माना : यदि कोई ग्राहक नियमित योगदान करने में विफल रहता है, देरी से योगदान के लिए अतिदेय ब्याज के साथ अगले महीने में भुगतान करना होगा। बैंकों को प्रत्येक देरी मासिक योगदान के लिए प्रत्येक 100 रुपये में देरी के 1 रुपये प्रति माह शुल्क लगाया जाता है और खाता फ्रीज किया जा सकता है।
निकास और निकासी : ग्राहक 60 वर्ष की आयु तक पहुंचने के बाद ही योजना से बाहर निकल सकता है। बाहर निकलने पर, ग्राहक या तो धनराशि निकाल सकता है या मासिक पेंशन का विकल्प चुन सकता है।
नामांकन और प्रशासन : Apy खाते बैंकों और नामित डाकघरों के माध्यम से खोले जा सकते हैं।इस योजना का संचालन पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा किया जाता है।
कर(Tax) लाभ : Apy में किया गया योगदान आयकर अधिनियम की धारा 80 CCD के तहत कर लाभ के लिए पात्र है।
सामाजिक सुरक्षा : APY का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सुरक्षा जाल प्रदान करना, बुढ़ापे के दौरान आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
अटल पेंशन योजना कैसे रद्द करें?
अटल पेंशन योजना को रद्द करने के लिए, आपको इन चरणों का पालन करना होगा. :
उस बैंक या डाकघर में जाएँ जहाँ आपने शुरू में अटल पेंशन योजना में नामांकन कराया था। संबंधित अधिकारियों से रद्दीकरण (cancellation) फॉर्म या आवेदन का अनुरोध करें। रद्दीकरण (cancellation) फॉर्म सटीक विवरण के साथ भरें। अपना अटल पेंशन योजना खाता नंबर, व्यक्तिगत विवरण और रद्द करने का कारण भी जरूर लिखे। बैंक या डाकघर द्वारा निर्दिष्ट कोई भी आवश्यक दस्तावेज़(Document) साथ में रखे।आवश्यक दस्तावेजों(Document) के साथ पूरा रद्दीकरण(cancellation) फॉर्म संबंधित अधिकारियों को जमा करें। एक बार आपका अनुरोध संसाधित हो जाने पर, आपको रद्दीकरण की पुष्टि प्राप्त होगी। रद्दीकरण के लिए किसी भी अतिरिक्त आवश्यकता या प्रक्रिया के लिए उस विशिष्ट संस्थान से परामर्श करना याद रखें जहां आपने योजना में नामां
निम्लिखित कितने राशि पर कितना पेंशन प्राप्त होगा । पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है।
डाक घर (Post office) भारत का सबसे पुराना और भरोसेमंद है । भारतीय डाक सेवा की स्थापना यूं तो 166 साल पहले एक अप्रैल 1854 को हुई थी लेकिन सही मायनों में इसकी स्थापना एक अक्तूबर 1854 को मानी जाती है। उस वक्त ईस्ट इंडिया कंपनी के अंतर्गत आने वाले 701 डाकघरों को मिलाकर भारतीय डाक विभाग की स्थापना हुई थी । पोस्ट ऑफिस बैंक की तरह ही कई सारे बचत योजनाएं देश भर में चलाती है। जिससे लोगो की पैसे बच सके और भविष्य में आने वाले पैसे की दिकत को टाला जा सके । आज हम आपको इस लेख के माध्यम से पोस्ट ऑफिस बचत योजना( savjng schem) 2022 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं। जैसे कि पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में आवेदन करने की प्रक्रिया, उद्देश्य, पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम के प्रकार, पात्रता, लाभ आदि। पूरी जानकारी के लिए लेख के अंत तक बने रहे।
TABLE OF CONTENT 1. डाक घर बचत योजना 2022 2. डाक घर बचत योजना 2022 का उद्देश्य 3. डाक घर बचत योजना के प्रकार 0.1 सुकन्या समृद्धि योजना 0.2 पब्लिक प्रोविडेंट फंड(PPF account) 0.3 रिकरिंग डिपोजिट 0.4 पोस्ट ऑफिस टाइम डिपोजिट योजना 0.5 नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट 0.6 सीनियर सिटीजन बचत योजना 0.7 किसान विकाश पत्र 0.8 पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम
डाक घर बचत योजना 2022
भारतीय डाक देश का सबसे पुराना है और साथ ही सबसे अधिक भरोसेमंद भी माना जाता है। इंडियन पोस्ट देश की डाक श्रृंखला को नियंत्रित करती है । लेकिन डाक श्रृंखला को नियंत्रित करने के साथ ही इंडिया पोस्ट निवेशकों के लिए काफी सारे डिपॉजिट सेविंग स्कीम भी चलाती है। जिन्हें हम पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम या फिर डाकघर बचत योजना के नाम से जानते हैं । डाक घर बचत योजना में निवेश करने पर निवेशकों को उच्च ब्याज दर भी प्राप्त होता है, किसी जरूरत मंद को लोन भी प्रदान करती है। साथ ही 80C के अंतर्गत कर में भी छूट (Income tax) दी जाती है । इसके साथ ही और भी कई सारे योजनाएं चलाई जाती है, जैसी की पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सुकन्या समृद्धि योजना, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट आदि। इन सभी योजनाओं के बारे में हम आपको इस लेख में बताएंगे ।
डाक घर बचत योजना 2022 का उद्देश्य
भारतीय डाक घर बचत योजना का मुख्य उद्देश्य लोगो में बचत करने की जैसे अभियास को भड़ावा देना है। इसके के लिए कई सारे योजनाएं आरंभ किया जाता है, ये सभी योजनाएं पूरी तरह सुरक्षित होती है । क्योंकि पोस्ट ऑफिस पूरी तरह भारत सरकार द्वारा संचालित की जाती है | डाक घर में बचत करने पर निवेशको को अच्छी ब्याज दर भी दी जाती है। ताकि लोगो की आर्थिक स्तिथि भी बेहतर हो सके । इसके साथ ही ऋण में छूट का भी प्रावधान रखा गया है। सरकार भी इसे बंद नहीं कर सकती क्योंकि, इससे करोड़ों लोगो का भरोसा टूट सकता है ।
डाक घर बचत योजना के प्रकार
पोस्ट ऑफिस सेविंग खाता (account) भी बैंक की तरह ही होता है । इस खाते में भी बैंको की तरह 4% ब्याज दिया जा रहा है। पोस्ट ऑफिस सेविंग खाते में न्यूनतम 50 रुपए राशि होना अनिवार्य है।
सुकन्या समृद्धि योजना
इस योजना का आरंभ प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्यकाल में आराम किया गया । यह योजना देश में लड़कियों को उच्च शिक्षा एवं उनके विवाह में कोई दिक्कत न आए इसलिए शुरू की गयी । योजना के अंतर्गत 7.6 प्रतिशत की ब्याज दर निर्धारित की गई है । इस योजना में निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि 1000 रुपए और अधिकतम राशि 1,50,000 है । परंतु अब न्यूनतम राशि को घटाकर 250 रुपए कर दिया गया है । योजना के अंतर्गत खाता खोलने से लेकर 15 साल न्यूनतम राशि का निवेश करना अनिवार्य है ।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड(PPF account)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यह एक लंबे अवधि वाला योजना है। इसकी अवधि लगभग १५ वर्ष है । इस योजना में ६.९%(6.9%) ब्याज दिया जाता है । अगर कोई इसमें निवेश करना चाहता है, tu इसकी न्यूनतम राशि ५०० रुपए है और अधिकतम राशि है १५०००० रुपए है । इस योजना से सातवें वर्ष में आंशिक निकासी की अनुमति भी है।
रिकरिंग डिपोजिट
रिकरिंग डिपोजिट के अंतर्गत कोई भी नागरिक प्रतेक महीने अपने कमाई का छोटा सा हिस्सा बचत कर सकता है। यह एक मासिक निवेश योजना है। इस योजना के अंतर्गत 5 साल की अवधि तय की गई है । योजना के तहत 5.8% ब्याज दर निश्चित की गई है। इस योजना में निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि ₹10 रखी गई है तथा कोई भी अधिकतम राशि निर्धारित नहीं की गई है।
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपोजिट योजना
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपोजिट योजना के तहत विभिन्न तरीकों से निवेश कर सकते है। योजना के अंतर्गत न्यूनतम 200 रुपए से निवेश आरंभ कर सकते है । इस योजना में खोले गए खाते को किसी दूसरे को ट्रांसफर किया जा सकता है। इस खाते को चार कार्य कालों में विभाजित किया गया है। यदि आप 1 साल का डिपाजिट करते हैं तो 5.5% की ब्याज दर रखी गई है, 2 साल के लिए भी 5.5% की ब्याज दर है तथा 3 साल के लिए भी 5.5% की ब्याज दर रखी गई है। लेकिन अगर आप 5 साल के लिए डिपॉजिट करते हैं, तो 6.7% की ब्याज दर दी जाती है । साथ ही निवेश की गई राशि पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80C के तहत छूट भी दी जाती है ।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
पोस्ट ऑफिस सेविंग योजना में निवेश करने के लिए मेच्योरिटी पीरियड 5 वर्ष निर्धारित है । इस योजना में 6.8% ब्याज दर निर्धारित किया गया है। डाक घर योजना में निवेश करने हेतु न्यूनतम राशि 100 रुपए रखा गया है और अधिकतम राशि निर्धारित नही की गई है।
सीनियर सिटीजन बचत योजना
यह योजना का लाभ 60 वर्ष से अधिक आयु वाले नागरिक ले सकते है। इस योजना के अंतर्गत निवेश करने पर 7.6% ब्याज दर दी जाती है । यह योजना में निवेश करने हेतु न्युनतम राशि 1000 rs है ।. वहीं अधिकतम राशि आप 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं । सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम के तहत निवेश पर 80C के तहत टैक्स में छूट भी दी गई है ।
किसान विकाश पत्र
किसान विकाश पत्र देश के नागरिकों के लिए है । यह योजना में निवेश पर 6.9% फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। इस योजना में निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि ₹1000 है तथा मैक्सिमम निवेश की कोई लिमिट नहीं तय की गई है । किसान विकाश पत्र में निवेश करने पर 10 साल 4 महीनो में निवेश डबल हो जाती है ।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम
इस योजना का लाभ 18 वर्ष पूर्ण होने पर कोई भी नागरिक इसका लाभ ले सकते है । योजना के तहत निवेशक को प्रतिमाह उनके निवेश पर एक तय आय प्रदान किया जाता है। इस योजना में निवेश करने की न्यूनतम राशि 1000 रुपए है । तथा इसमें अधिकतम सिंगल अकाउंट में 4.5 लाख रुपए और जाइंट अकाउंट में 9 लाख रुपए अधिकतम जमा कर सकते हैं । 1 अप्रैल 2020 के मुताबिक इस योजना में ब्याज दर 6.6 प्रतिशत है। तथा इस योजना की अवधि 5 वर्ष की होती है ।
किसी भी देश को समृद्ध होने के लिए समाज में जितना पुरुषो को सशक्त और आत्मनिर्भर होना आवश्यक है । उतना ही महिलाओं को भी । जिस देश में महिलाएं सशक्त(आत्मनिर्भर) ना हो, वह देश विश्व में आर्थिक रूप से सशक्त नही बन सकता । इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री नारी शक्ति योजना 2022 का आरंभ किया गया। जिससे देश में किसी भी महिला को किसी दूसरे पर निर्भर रहने की आवश्कता नही पड़ेगी। इस योजना के तहत महिलाओं को २.२० लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। ताकि महिलाएं अपना व्यापार आरंभ कर सके ।
यदि यह योजना कही सुन रहे है या कही देख रहे है, इसे आप बिल्कुल बिस्वास ना करे । यह योजना अफवाह यानी झूठी है । यह योजना लोगो को गुमराह करने हेतु फैलाई जा रही है। आपसे निवेदन है इस प्रकार के झूठी अफवाहों पर बिल्कुल भरोसा ना करे।
प्रधानमंत्री नारी शक्ति योजना 2022 अगर भविष्य में केंद्र सरकार द्वारा इस प्रकार की कोई योजना आरंभ होती है। तो हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। अगर आपको भी ऐसी किसी योजना के बारे में पता है, तो कृपया करके इन अफवाहों से बचने का प्रयास करें।
भारत में 24 मार्च 2020 को कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लगाया गया। इससे लोगों को घरों में रहना पड़ा, और ट्रेन, बस, हवाई जहाज सब बंद हो गए। दुकानें, कारोबार, फैक्ट्रियाँ भी ठप पड़ गईं। इससे देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई। इस आर्थिक मुश्किल से बाहर निकलने के लिए सरकार ने “आत्मनिर्भर भारत अभियान” शुरू किया।
पहले आत्मनिर्भर भारत 1.0 लॉन्च किया गया, जो सफल रहा। फिर इसकी सफलता के बाद आत्मनिर्भर भारत 2.0 शुरू हुआ। अब देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत 3.0 की शुरुआत की है।
इस लेख में आपको आत्मनिर्भर भारत 3.0 के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी, जैसे:
आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या है?
इसके क्या फायदे और खास बातें हैं?
कौन-कौन इस योजना का हिस्सा बन सकता है?
इस अभियान के तहत कौन-कौन सी योजनाएँ चलाई जा रही हैं?
आवेदन कैसे करें? और भी बहुत कुछ!
सरल शब्दों में, यह अभियान देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और लोगों को रोजगार, बिजनेस, और बुनियादी सुविधाएँ देने का एक बड़ा कदम है।
Table of Content 1.आत्मनिर्भर भारत ३.० 2.आत्मरिभर भारत अभियान ३.० का उद्देश्य 3.आत्मनिर्भर भारत 2021-2022 के बजट में की गई घोषणाएं 4.योजना के अंतर्गत किए जाने वाले खर्च 5.आत्मनिर्भर भारत अभियान के लाभार्थी 6.आत्मनिर्भर अभियान के निम्नलिखित विभाग
आत्मनिर्भर भारत ३.०(Atmanirbhar Bharat 3.0)
आत्मनिर्भर भारत कोरॉना से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए आरंभ किया गया । अब तक आत्मनिर्भर भारत की २ फेज सुरुवात(लॉन्च) किया जा चुका है । दोनो फेज के अपार सफलता के फल स्वरूप अब भारत सरकार द्वारा तीसरा फेज भी आरंभ(लॉन्च) किया गया । जिसको आत्मनिर्भर भारत अभियान ३.०(तीसरा चरण) के नाम से जाना जाता है । आत्मनिर्भर अभियान 3.0(तीसरा चरण) के अंतर्गत नौकरी से लेकर व्यवसाय तक सभी क्षेत्रों को सामिल किया गया है ।
आत्मरिभर भारत अभियान ३.० का उद्देश्य
आप सभी जानते है कॉरोना संक्रमण के कारण पूरे भारत में लॉकडॉन लगाया गया था । जिससे सभी उद्योग, व्यापार, ट्रांपोर्ट ठप पड़ गए थे । इसके चलते भारत और भारत वासियों को आर्थिक स्तिथि से झुजना पड़ा । इस स्थिती से उभरने के लिए आत्मरिभर भारत अभियान का आरंभ किया गया । यह योजना के तहत विभिन्न प्रकार के योजनाओं को संचालित किया जायेगा । जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और जो हानि हुई है उसकी भरपाई हो सके । आत्मनिर्भर भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति को सुधारना है जिससे कि देश की इकॉनमी वापस पहले जैसी हो सके ।
आत्मनिर्भर भारत 2021-2022 के बजट में की गई घोषणाएं
हमारे देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जी द्वारा १ फरबरी २०२१ के बजट में घोषणा की गई । इस बजट में आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई । आत्मनिर्भर भारत कोरॉन काल के पश्चात आरंभ किया गया ताकि आर्थिक दृष्टि से सशक्त किया जा सके । आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत सरकार एवं रिजर्व बैंक के द्वारा 27.1 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। जो की यह राशि भारत की जीडीपी का १३% है । निर्मला सीतारमन जी ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष आत्मरिभर भारत योजना के अंतर्गत ३ पेकेज आरंभ किए गए । जो की ५ छोटे बजट के बराबर है ।
• आत्मनिर्भर भारत ३.० के अंतर्गत बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, किसानों की आय को दोगुना करना, सुशासन, युवाओं के लिए अफसर, महिला सशक्तिकरण और अन्य विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ।
• 2021-22 का आम बजट स्वास्थ्य, भौतिक और वित्तीय पूंजी और बुनियादी ढांचा, आकांक्षातमक भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी को फिर से विकसित करना, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास तथा शासन में अधिकतमकरण पर आधारित है ।
योजना के अंतर्गत किए जाने वाले खर्च
कोरॉना के चलते भारत में पूर्ण लॉकडन लगाया गया था । जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान का सामना का करना पड़ा । इसके चलते इस साल टैक्स रिवेन्यू ठीक तरीके से नहीं आने के कारण सभी राज्यों को कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है । इस कारण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने और अधिक पूंजी निवेश करने को ध्यान दिया । ताकि भारत आत्मरिभर की ओर एक कदम और भड़ा सके । आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत वित्त मंत्रालय द्वारा 9879 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय प्रदान करने की 27 राज्यों के अनुमति दे दी गई है। इस योजना का लाभ तमिलनाडु को छोड़कर देश के सभी राज्य उठा रहे हैं । इसके अतिरिक्त कई सारे कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दे दी गई है। जैसे हेल्थ, रूरल डेवलपमेंट, वाटर सप्लाई, इरिगेशन, ट्रांसपोर्ट, एजुकेशन एंड अर्बन डेवलपमेंट के छेत्र में है ।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के लाभार्थी
आत्मानबीर भारत अभियान के प्रमुख लाभार्थी निम्नलिखित हैं: –
• श्रमिक (मजदूर / श्रमिक)
• दैनिक वेतन अर्जन
• किसान
• जो लोग देश के विकाश के लिए काम करते है
• मध्यम वर्ग के लोग जो सरकार को आयकर देते हैं
• उच्च वर्ग के लोग जो अर्थव्यवस्था को ताकत देते हैं
आत्मनिर्भर अभियान के निम्नलिखित विभाग
• आत्मनिर्भर भारत योजना को मुखियतः तीन चरणों में बाटा गया है । प्रथम चरण में उत्तर पूर्वी छेत्र आता है । जिसके लिए सरकार द्वारा २०० करोड़ रुपए आवंटित किया गया । आसाम की जनसंख्या तथा भौगौलिक क्षेत्र को देखते हुए ४५० करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं ।
• दूसरे चरण में वे सभी राज्य आते है जो प्रथम चरण में नही आए । इस चरण के अंतर्गत सरकार द्वारा ७५०० करोड़ रुपए आवंटित की गई ।
• आत्मनिभर भारत के तीसरे चरण के अंतर्गत सरकार द्वारा २००० करोड़ रुपए आवंटित किए गए । यह तीसरे भाग की राशि केवल उन्हीं राज्यों को प्रदान की जाएगी । जो सरकार द्वारा बताए गए चार सुधारों में से कम से कम तीन सुधार राज्यों में लागू करे । वह चार सुधार है, वन नेशन वन राशन कार्ड, इज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म, अर्बन लोकल बॉडीज/ यूटिलिटी रिफॉर्म तथा पावर सेक्टर रिफॉर्म है ।
भारत में बेरोजगारी बढ़ने के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकारों ने पीएम दक्ष योजना शुरू की है। इसका मकसद बेरोजगारी कम करना और लोगों को रोजगार के नए मौके देना है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (OBC), और सफाई कर्मचारियों को विशेष लाभ दिया जाएगा।
योजना के अंतर्गत सभी लोगों को उनकी रुचि और क्षमता के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और नौकरी या स्वरोजगार पाने में सक्षम होंगे।
इस लेख में जानें:
योजना का लाभ कैसे लें?
कौन-कौन इस योजना के पात्र हैं?
आवेदन करने की आसान प्रक्रिया।
Table of content 1. PM दक्ष योजना 2024 2. PM दक्ष योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 3. PM दक्ष योजना से लाभान्वित वर्ग 4. PM दक्ष योजना के लाभ 5. PM दक्ष योजना के हेतु पात्रता 6. पीएम दक्ष योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज 7. PM दक्ष योजना 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिय 8. PM दक्ष पोर्टल में इंस्टीट्यूट रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रियाएं
PM दक्ष योजना 2024
PM दक्ष योजना और PM Daksh App की शुरुआत 5 अगस्त 2021 को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार जी के द्वारा की गई । इस योजना के माध्यम से अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कौशल प्रदान करके उनके कौशल स्तर को बढ़ावा दिया जायेगा । इसके साथ ही नागरिकों को रोजगार एवं व्यापार में मदद किया जायेगा । वर्ष 2021-22 में PM Daksh Yojana के माध्यम से 50000 युवाओं को लाभ प्रदान किया जाएगा । जिन प्रशिक्षु की उपस्थिति 80% से अधिक होगी उन्हें १००० हजार से लेकर ३००० हजार रुपए तक वेतन मुआवजे के रूप में दिया जायेगा ।
PM दक्ष योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया
सरकार ने PM दक्ष योजना का पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, ताकि देश के युवा आसानी से इस योजना में जुड़ सकें। अब युवाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। युवा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके पास के किसी प्रशिक्षण केंद्र में जाकर ट्रेनिंग ले सकते हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वे नौकरी कर सकते हैं या अपना खुद का व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं। इस योजना से अगले 5 साल में 2.7 लाख से ज्यादा युवाओं को फायदा मिलेगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से समय और पैसे की बचत होगी, साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
पीएम दक्ष योजना 2024 के मुख्य फायदे (सरल शब्दो में):
किसे मिलेगा फायदा?
• इस योजना का लाभ आरक्षित श्रेणी (SC, ST, OBC, दिव्यांग, आदि) के युवाओं और नागरिकों को मिलेगा।
मुफ्त स्किल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट:
• सभी आवेदकों को बिल्कुल मुफ्त में स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। कोर्स पूरा करने पर एक मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी मिलेगा।
हाजिरी पर मिलेगा स्टाइपेंड:
• अगर ट्रेनिंग के दौरान आपकी हाजिरी 80% या उससे ज्यादा है, तो आपको हर महीने ₹1,000 से ₹1,500 तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
अतिरिक्त वित्तीय मदद:
• ट्रेनिंग पूरी करने वालों को प्रति व्यक्ति ₹3,000 (हाजिरी 80% से अधिक होने पर) “वेज कम्पेन्सेशन” के रूप में दिए जाएंगे।
रोजगार के अवसर:
• कोर्स पूरा करने के बाद आपको नौकरी के लिए प्लेसमेंट सपोर्ट दिया जाएगा, ताकि आप अपने करियर में आगे बढ़ सकें।
कैरियर ग्रोथ:
• यह योजना आपकी स्किल्स बढ़ाकर आपको बेहतर नौकरी पाने में मदद करेगी, जिससे आपका भविष्य सुरक्षित होगा।
योजना का मकसद:
• यह योजना गरीब और पिछड़े वर्ग के युवाओं को मुफ्त ट्रेनिंग, आर्थिक मदद और नौकरी के अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है।
PM दक्ष योजना के हेतु पात्रता
अगर कोइ युवक (नागरिक) योजना के लिए आवदेन करना चाहता है। उससे पूर्व उन्हें योजना के हेतु पात्रता का ज्ञान होना अनिवारिया है । इससे उस व्यक्ति की मेहनत व्यर्थ ना हो । नीचे दिए गए निम्नलिखित पात्रता संबंधित जानकारी को ध्यान पूर्वक पड़े ।
PM दक्ष योजना के पात्रता नियम:
भारतीय नागरिकता: आवेदक भारत का मूल निवासी होना चाहिए।
उम्र सीमा: आवेदक की उम्र 18 साल से 45 साल के बीच होनी चाहिए।
जाति/वर्ग शर्तें:
अनुसूचित जाति (SC): युवक/युवती का SC कोटि में होना अनिवार्य है।
OBC: इस श्रेणी के आवेदकों की सालाना आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए।
आर्थिक रूप से कमजोर (EBC): इनकी सालाना आय ₹1 लाख से कम होनी चाहिए।
ध्यान दें:
SC वर्ग के लिए आय सीमा नहीं है, बस जाति प्रमाण पत्र चाहिए।
OBC/EBC को आय प्रमाणपत्र देना होगा।
इन शर्तों को पूरा करने वाले ही आवेदन करके योजना का लाभ ले सकते हैं।
PM दक्ष योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents)
• आधार कार्ड • आय प्रमाण पत्र • निवास प्रमाण पत्र • जाती प्रमाण पत्र (Cast certificate) • मोबाइल नंबर • फोटो (पासपोर्ट साइज) • सेल्फ डिक्लेशन फर्म
PM दक्ष योजना 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
यदि आप पीएम दक्ष योजना के लिए आवेदन करना चाहते है । उसके लिए निम्नलिखित तरीको से आवेदन कर सकते है ।
• सबसे पहले पीएम दक्ष योजना के ऑफिशियल वेब साइट में जाए । • इससे आपके सामने वेब साइड का ऑफिशियल पेज खुल कर आ जायेगा । यहां पर आपको कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन ऑप्शन दिखेगा उसपे क्लिक करना है । • अब आपके सामने नया पेज खुलकर आ जायेगा। • इस पेज पर निम्नालिखित सवालों के जवाब देना है ।
• अब आपको अपना फोटो अपलोड करना होगा । • इसके पश्चात आपके मोबाइल पे OTP आएगा । OTP को OTP बॉक्स में फील कर देंगे । तब पश्चात नेक्स्ट(next) पैरक्लिक करना होगा । • अब इस पेज में बैंक खाता (Account number) दर्ज करना होगा । • फिर सबमिट बटन पर क्लिक कर देंगे । • इस प्रकाश PM दक्ष योजना के लिए आवेदन कर सकते है ।
PM दक्ष पोर्टल में इंस्टीट्यूट रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रियाएं
अगर कोई लाभार्थी अपने किसी नजदीकी शाखा में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते है तो भी कर सकते है। किस प्रकार अपना नाम दर्ज कर सकते है, नीचे लेख में दिया गया है ।
PM दक्ष योजना में इंस्टिट्यूट रजिस्ट्रेशन करने का तरीका:
वेबसाइट का होमपेज खुलने पर “इंस्टिट्यूट रजिस्ट्रेशन” के ऑप्शन पर क्लिक करें।
अब एक नया फॉर्म खुलेगा। इसमें अपने इंस्टिट्यूट का नाम, राज्य, जिला, पूरा पता, लीगल एंटिटी (संस्था का प्रकार), ईमेल, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, और असेसमेंट बॉडी (अगर लागू हो) जैसी जानकारी भरें।
जरूरी दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
सभी जानकारी चेक करके गलतियाँ सुधार लें। फिर “सबमिट” बटन दबाएँ।
इस तरह आपके इंस्टिट्यूट का रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।
भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे, योजनाओं को जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे।
केंद्र सरकार ने गरीब और कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों और मजदूरों के लिए ई-श्रम कार्ड योजना शुरू की है। इस योजना में लाभ पाने वाले लोगों को 2 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और कई अन्य सुविधाएं मिलती हैं। साथ ही, हर ई-श्रम कार्ड धारक को हर महीने 1000 रुपए की आर्थिक मदद भी दी जाती है।
जिन लोगों को यह मदद मिली है, उनकी सूची सरकार ने ई-श्रम कार्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दी है। अगर आप भुगतान सूची (Payment List) देखना चाहते हैं या ई-श्रम कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो हमारे इस लेख को अंत तक पूरा जरूर पढ़ें। इसमें हमने सभी जरूरी जानकारी आसान भाषा में बताई है।
Table Of Content 1. ई-श्रम कार्ड 2. ई-श्रम कार्ड के लाभ 3. ई-श्रम कार्ड पोर्टल पर मिलने वाली विभिन्न योजनाएं 4. ई-श्रम कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज(Document) 5. ई-श्रम कार्ड ऑनलाइन अप्लाई करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 6. ई-श्रम कार्ड रजिस्टर करने की प्रक्रियाएं
ई-श्रम कार्ड :
केंद्रीय रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने ई-श्रम कार्ड योजना की शुरुआत की है। इसका मकसद देश के 38 करोड़ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, जैसे फेरीवाले, सब्जी बेचने वाले, घरेलू कामगार आदि का डेटाबेस बनाना है। 15 जुलाई 2022 तक 5.37 करोड़ मजदूरों ने इस कार्ड के लिए पंजीकरण करा लिया था। मगर, इनमें से ज़्यादातर के पास बैंक खाता नहीं है, और जिनके पास है, उनके खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं। इस वजह से सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी का फायदा मजदूरों तक नहीं पहुँच पाता। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि सभी मजदूरों के बैंक खाते आधार से जुड़े हों। आधार लिंक होने से पंजीकरण की प्रक्रिया तेज़ होगी और मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
ई-श्रम कार्ड के लाभ :
ई-श्रम कार्ड का मकसद असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इस पोर्टल के जरिए देशभर के ऑटो चालक, सब्जी विक्रेता, मजदूर, निर्माण कर्मी जैसे 38 करोड़ श्रमिकों का डेटा जुटाया जाएगा। अब तक 19 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इससे सभी सरकारी सुविधाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी। भविष्य में कोरोना जैसी आपात स्थितियों में यह पोर्टल मजदूरों तक तुरंत मदद पहुँचाने में मदद करेगा। साथ ही, इससे उनकी पहचान और सुरक्षा को बल मिलेगा। यह कदम असंगठित क्षेत्र को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ई-श्रम कार्ड पोर्टल पर मिलने वाली विभिन्न योजनाएं :
ई-श्रम पोर्टल पर आपको कई सरकारी योजनाओं का फायदा एक ही जगह मिल सकता है। जैसे:
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना (जीवन बीमा),
प्रधानमंत्री आवास योजना (मकान बनाने/खरीदने में मदद),
अटल पेंशन योजना (बुढ़ापे के लिए पेंशन),
प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना (दुर्घटना बीमा),
नेशनल पेंशन योजना (पेंशन की सुविधा)।
इनमें से कोई भी योजना चुनकर आप इसका फायदा उठा सकते हैं। इन सभी योजनाओं की जानकारी और आवेदन का काम ई-श्रम पोर्टल के जरिए आसानी से किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना :
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है। इस योजना में शामिल होने के लिए आप अपने आसपास के किसी भी बैंक में जाकर आवेदन कर सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति इस योजना के तहत पंजीकरण करवाता है और किसी दुर्भाग्यवश उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उस व्यक्ति के नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) को 2 लाख रुपये तक की राशि मुआवजे के रूप में दी जाती है।
यह राशि परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए होती है, खासकर गंभीर बीमारी या दुर्घटना जैसी स्थितियों में। इस योजना का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना :
सरकार की इस योजना में गाँव के गरीबों को अपना घर बनाने के लिए आर्थिक मदद मिलती है। सामान्य इलाकों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की राशि दी जाती है। यह पैसा जरूरतमंद परिवारों को मजबूत और सुरक्षित घर बनाने में मदद करता है। यह योजना ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई है।
अटल पेंशन योजना :
अटल पेंशन योजना में 60 साल की उम्र के बाद हर महीने पेंशन मिलती है। इसमें शामिल होने के लिए 18 से 40 साल की उम्र के बीच पैसा जमा करना ज़रूरी है। आपकी बचत के हिसाब से, 60 साल की उम्र पर 1,000 से 5,000 रुपए तक की मासिक पेंशन मिलेगी। अगर पेंशन पाने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाए, तो यह पेंशन उनके नामांकित व्यक्ति (जैसे पति/पत्नी या बच्चे) को मिलती रहेगी। यह योजना बुढ़ापे में आर्थिक मदद देने के लिए बनाई गई है।
आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री आरोग्य योजना :
यह योजना मध्यम और गरीब वर्ग के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें हर ज़रूरतमंद परिवार को 5 लाख रुपये तक का मेडिकल बीमा मिलता है। इससे लोग किसी भी अच्छे अस्पताल में अपना इलाज आसानी से करवा सकते हैं। यह बीमा गंभीर बीमारियों के खर्च को कवर करता है, जिससे परिवार पर पैसे का दबाव नहीं पड़ता। अगर मरीज की मृत्यु हो जाए, तो नॉमिनी को भी सहायता मिलती है। यह योजना स्वास्थ्य संकट के समय आर्थिक सुरक्षा देने का एक सरल तरीका है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना :
18 से 40 साल तक के लोग इस योजना में भाग ले सकते हैं। इसमें हर महीने ₹55 से ₹200 तक जमा करने होते हैं। जब व्यक्ति की उम्र 60 साल हो जाएगी, तो उसे हर महीने ₹3000 पेंशन मिलेगी। अगर व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो उसकी पत्नी या पति को पेंशन का 50% (आधा हिस्सा) मिलता रहेगा। यह सुविधा जीवनभर चलती है।
नेशनल पेंशन स्कीम :
भारत की राष्ट्रीय पेंशन योजना सभी नागरिकों के लिए है। इसमें भाग लेने वाले व्यक्ति की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। व्यक्ति जितना पैसा इस योजना में जमा करता है, उतनी ही राशि सरकार भी जोड़ती है। 60 साल की उम्र होने पर व्यक्ति को नियमित पेंशन मिलने लगती है। यह योजना सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सहायता देने का एक सरल तरीका है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना :
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अगर कोई व्यक्ति रजिस्ट्रेशन करवाता है और उसकी सड़क हादसे या किसी अन्य दुर्घटना में मौत हो जाती है, तो उसके नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) को 2 लाख रुपए मिलते हैं। वहीं, अगर दुर्घटना में व्यक्ति विकलांग (अपंग) हो जाता है, तो उसे 1 लाख रुपए का लाभ दिया जाता है। यह बीमा योजना आकस्मिक मौत या शारीरिक नुकसान की स्थिति में आर्थिक मदद प्रदान करती है।
मनरेगा :
मनरेगा योजना का मकसद ग्रामीण लोगों को उनके गाँव/क्षेत्र में ही रोज़गार दिलाना है। केंद्र सरकार इसके तहत हर परिवार को साल में 100 दिन का रोज़गार देने की गारंटी देती है। परिवार का कोई बड़ा सदस्य आवेदन कर सकता है। आवेदन मिलने के 15 दिन के भीतर उसे काम दिया जाना चाहिए। अगर 15 दिन में काम नहीं मिलता, तो सरकार बेरोज़गारी भत्ता देती है। पहले 30 दिन तक यह भत्ता न्यूनतम मजदूरी का एक चौथाई (25%) होता है। 30 दिन के बाद यह बढ़कर न्यूनतम मजदूरी का आधा (50%) हो जाता है। इससे लोगों को आर्थिक सहारा मिलता है।
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना :
दीनदयाल उपाध्याय योजना गाँव के बेरोजगार युवाओं को अलग-अलग काम सीखने का मौका देती है। इस योजना से मिलने वाला सर्टिफिकेट पूरे भारत में काम आएगा। ज़्यादा युवाओं को फ़ायदा देने के लिए हर राज्य में ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएँगे। इस योजना में 200 से भी ज़्यादा कामों को चुना गया है, जैसे इलेक्ट्रिशियन, टेलर, कारपेंटर आदि। युवा अपनी पसंद के काम की ट्रेनिंग लेकर उसमें एक्सपर्ट बन सकते हैं और रोज़गार पा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा को अपनी मेहनत से आगे बढ़ने का मौका मिले!
प्रधानमंत्री स्वनिधि :
यह योजना 50 लाख से अधिक लोगों को छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10,000 तक का लोन देकर सहायता करती है। आवेदन के लिए किसी दस्तावेज़ की जरूरत नहीं है। यदि आप किस्त चुकाने में चूक जाते हैं, तो कोई जुर्माना नहीं है। हालांकि, समय पर भुगतान करने पर लोन राशि पर 7% सब्सिडी (छूट) मिलती है, जो हर 6 महीने में आपके खाते में जमा कर दी जाएगी। इसका उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स, छोटे विक्रेताओं और अन्य को उनके व्यवसाय को आसानी से बढ़ाने में मदद करना है, जिसमें लचीले नियम और समय पर भुगतान के लिए वित्तीय लाभ शामिल हैं।
प्रधानमंत्री कौशल योजना :
इस योजना का फ़ायदा देश के उन युवाओं को मिलेगा जिन्होंने 10वीं या 12वीं कक्षा बीच में ही छोड़ दी है। इन युवाओं को योजना के तहत अलग-अलग कामों में मुफ़्त प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें नौकरी पाने में मदद मिल सके। साथ ही, युवाओं की शैक्षणिक योग्यता और क्षमता के हिसाब से उन्हें नौकरी दिलाने में भी सहायता की जाएगी।
प्रधानमंत्री एम्प्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम :
केंद्र सरकार की इस योजना के जरिए बेरोजगार युवाओं को अपना खुद का काम शुरू करने में मदद मिलेगी। इसके तहत युवाओं को 10 लाख रुपए से लेकर 25 लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। साथ ही, उनकी जाति और रहने के इलाके (शहर या गाँव) के हिसाब से सब्सिडी (आर्थिक छूट) भी मिलेगी। यह योजना देश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के युवाओं के लिए है, ताकि वे अपने बल पर काम करके आत्मनिर्भर बन सकें।
ई श्रमिक के लिए आवश्यक दस्तावेज(Document)
ई-श्रम कार्ड बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित है । –
• आधार कार्ड
• मोबाइल नंबर (वही नंबर जो आधार से लिंक हो)
• बैंक खाता पासबुक
• आयु प्रमाण पत्र (PAN कार्ड दे सकते है) (आयु 16 से 59 के बीच होना अनिवार्य है)
• पासपोर्ट साइज फोटो
• राशन कार्ड
• निवास प्रमाण पत्र
ई-श्रम कार्ड ऑनलाइन अप्लाई करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
• आवेदन करने के पूर्व सभी दिशा निर्देशों को अच्छे से पड़ ले । अच्छे से समझ ले, ताकि भविष्य में कोई असुविधा ना हो। • आवेदन करते समय ध्यान रखे सभी जानकारी सही और सटीक हो, अन्यथा आवेदन स्वीकार भी नही किया जाएगा । • सभी ओरिजिनल दस्तावेज अपने पास रखे ताकि जरूरत पड़ने पर स्कैन करके अपलोड भी कर सकते है। • यदि आप सक्षम है, तो आप अपना आवदेन खुद ही करे ।
ई-श्रम कार्ड रजिस्टर करने की प्रक्रियाएं
ई श्रम कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है । इसके लिए नीचे दिए गए लिंक पे क्लिक करे । इससे ऑफिशियल वेब साइड में आ जाएंगे जहा पर ऑनलाइन आवदेन कर सकते है।
जैसे ऊपर दिए लिंक पे क्लिक करते है । वैसे ही सामने ये पेज खुल के आ जायेगा ।
यहां पर आपको अपना मोबाइल नंबर(जो आधार कार्ड से लिंक हो) दर्ज करे। इसके बाद कोड को कैप्चा करे । उसके बाद epfo या esic में रजिस्टर है या नही क्लिक करे।
• इसके बाद रजिस्टर मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। OTP को दिए गए बॉक्स में फील करना है। तब पश्चात सत्यापिक विकल्प पर क्लिक करे। • अब आपके सामने ई-श्रम कार्ड का फॉर्म खुल कर आ जायेगा । यहा पर सभी जानकारी सही और सटीक फील करे । साथ ही सावधानी पूर्वक सबमिट करे । • अब आपको कुछ ही क्षणों में 12 अंको वाला कोड मिल जायेगा ।
भारत सरकार द्वारा घोषित किए और भी योजनाओं को जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे
भारत में कई विद्यार्थी और नागरिक ऐसे है जो सेना में भर्ती होना चाहते है। भारत माँ की सुरक्षा करते हुए मर मिटना चाहते है और कुछ कर जाना चाहते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश के रक्षा मंत्री Rajnath Singh जी के द्वारा अग्निपथ योजना का आरंभ किया। इस लेख में अग्निपथ योजना के सभी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जायेगी। जैसे किस प्रकार आवेदन कर सकते हैं। एवम चयन की सभी प्रक्रिया। आइए अब जानते हैं, किस प्रकार अग्निपथ योजना का लाभ ले सकते है।
Table Of Content 1 अग्निपथ योजना • अग्निपथ योजना की पूरी जानकारी • अग्निपथ योजना का मुख्य उद्देश्य • अवधि पूरा होने पर प्राप्त होने वाली सुविधाएं • अग्निवीरो की भरती • अग्निपथ योजना की कमियां • अग्निपथ भर्ती योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
अग्निपथ योजना की पूरी जानकारी
भारत सरकार ने अग्निपथ योजना शुरू की है, जो सेना में भर्ती के इच्छुक युवाओं के लिए एक विशेष अवसर प्रदान करती है। इसके तहत 17.5 से 23 वर्ष आयु के युवा थलसेना, नौसेना या वायुसेना में आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 4 वर्ष की सेवा अवधि के लिए भर्ती किया जाएगा, जिसमें 6 महीने की बेसिक ट्रेनिंग शामिल है। सेवा पूरी होने पर उन्हें सेवा निधि (वित्तीय पैकेज) प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत भर्ती युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है। यह पहल युवाओं को सैन्य अनुभव, प्रशिक्षण और राष्ट्र सेवा का मौका देती है, साथ ही सेना को युवा एवं कुशल जवान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है। सेवा अवधि के बाद, योग्य अग्निवीरों को स्थायी भूमिका में चुने जाने का भी प्रावधान है।
अग्निपथ योजना को मंजूरी मंत्रिमंडल समिति के बैठक में दी गई। सरकार द्वारा इस योजना का आरंभ 14 June 2022 को किया गया। यह योजना का मुख्य उद्देश्य8 अधिकतर लोगों को रोजगार प्रदान करना है। और देश को सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के संचालन से देश को और मजबूत बनाया जा सकेगा । यह योजना के आरंभ करने के पूर्व तीनो सेना के प्रमुख (Chif) द्वारा प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी को योजना का projection भी प्रदान किया
अग्निपथ योजना का मुख्य उद्देश्य :
अग्निपथ योजना का प्रमुख लक्ष्य युवाओं को रोजगार देना और देश की सुरक्षा सुदृढ़ करना है। इसके तहत युवाओं को 4 वर्ष के लिए भारतीय सेना में अवसर मिलेगा, जिससे बेरोजगारी कम होगी और उनके सपने पूरे होंगे। सेना में शामिल युवाओं को उच्च-कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे अनुशासित, प्रशिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगे। यह योजना सैनिकों की औसत आयु घटाकर 26 वर्ष करेगी, जिससे सेना युवा और ऊर्जावान रहेगी। 4 वर्ष की सेवा के बाद 25% युवाओं को स्थायी रूप से सेना में रखा जाएगा, जबकि अन्य को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के लिए प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र मिलेगा। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और युव
अवधि पूरा होने पर प्राप्त होने वाली सुविधाएं
अग्निपथ योजना के मुताबिक, जवानों को 4 साल की नौकरी मिलेगी। इसके बाद, लगभग 25% जवानों को सेना में ही स्थायी नौकरी मिल जाएगी, बाकियों को छोड़ दिया जाएगा। जिन्हें छोड़ा जाएगा, उन्हें सरकार मदद देगी। यह मदद पुलिस, बैंक, टीचर की नौकरी या अपना काम शुरू करने में काम आएगी। कुछ कंपनियाँ भी इन जवानों को नौकरी दे रही हैं। इस प्लान का मकसद है कि जवान सेना छोड़ने के बाद भी अच्छे से जीवन बिता सकें।
अग्निपथ योजना के तहत 4 साल की नौकरी पूरी करने वाले जवानों को 11.71 लाख रुपए का कर-मुक्त सेवा कोष मिलेगा। इस साल 46,000 युवाओं को चुना जाएगा, जिसमें लड़कियाँ भी शामिल हैं। योजना लागू होने के 90 दिन के अंदर भर्ती शुरू हो जाएगी। चुने गए अग्निवीरों को 10 हफ्ते से लेकर 6 महीने तक की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्लान युवाओं को सेना का अनुभव देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है।
अग्निवीरो की भरती:
अग्निवीर योजना के मुताबिक, पहली बटालियन के जवान 21 नवंबर को प्रशिक्षण केंद्र पर पहुंचेंगे। भर्ती हुए जवानों की रैली अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में आयोजित होगी। दूसरी बटालियन की भर्ती अगले साल 2023 में की जाएगी। नौसेना से जुड़ी जानकारी 25 जून तक AIBM(advertisement information broadcast ministry) को दी जाएगी। वहीं, नौसेना का पहला दल 21 नवंबर को ओडिशा स्थित आईएनएस चिल्का में प्रशिक्षण के लिए रिपोर्ट करेगा। यह सभी तैयारियां समयसीमा के अनुसार पूरी की जा रही हैं, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
अग्निपथ योजना की कमियां :
अग्निपथ योजना 2022 के पहले साल 45,000 जवानों को सिर्फ 4 साल की नौकरी मिलेगी। इनमें से 25% को ही सेना में हमेशा रखा जाएगा, बाकी 75% को 4 साल बाद छोड़ दिया जाएगा। छोड़े गए जवानों को 11 लाख रुपये मिलेंगे, लेकिन पेंशन नहीं। इससे ज्यादातर युवाओं को नई नौकरी ढूँढनी पड़ेगी। कुछ लोगों को डर है कि इससे सेना का अनुशासन और ताकत कम होगी। साथ ही, छोटी नौकरी वाले जवानों से सेना के राज़ लीक होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
अग्निपथ भर्ती योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज :
आधार कार्ड पैन कार्ड पासपोर्ट साइज फोटो मोबाइल नंबर बैंक खाता विवरण शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र(10th, 12th certificate) निवास प्रमाण पत्र